प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत, कारीगरों को न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, बल्कि उनके कौशल को उन्नत करने और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है।
हाल ही में यह खबर आई है कि इस योजना के तहत लाभार्थियों के खाते में 15,000 रुपए की राशि जमा कर दी गई है। इस राशि का उपयोग कारीगर अपने उपकरण खरीदने या उन्हें उन्नत करने के लिए कर सकते हैं। यह योजना भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और पारंपरिक शिल्प को संरक्षित करने के साथ-साथ कारीगरों की आजीविका को बेहतर बनाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
पीएम विश्वकर्मा योजना का अवलोकन
मुख्य बिंदु | विवरण |
योजना का नाम | प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना |
लॉन्च तिथि | 17 सितंबर 2023 (विश्वकर्मा जयंती) |
लक्ष्य | पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों का उत्थान |
लाभार्थी | 30 लाख से अधिक कारीगर |
उपकरण प्रोत्साहन राशि | ₹15,000 |
ऋण सुविधा | ₹1 लाख (पहला चरण), ₹2 लाख (दूसरा चरण) |
ब्याज दर | 5% प्रति वर्ष |
कुल बजट | ₹13,000 करोड़ से ₹15,000 करोड़ |
समाप्ति तिथि | वित्तीय वर्ष 2027-28 |
पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभ
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत लाभार्थियों को कई प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
मुख्य लाभ:
- ₹15,000 उपकरण प्रोत्साहन: यह राशि ई-वाउचर के रूप में दी जाती है।
- निशुल्क प्रशिक्षण: बुनियादी और उन्नत कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
- दैनिक वजीफा: प्रशिक्षण अवधि के दौरान ₹500 प्रतिदिन का वजीफा।
- ऋण सुविधा: बिना गारंटी के ₹1 लाख से ₹2 लाख तक का ऋण।
- डिजिटल लेन-देन प्रोत्साहन: डिजिटल माध्यम से भुगतान करने पर अतिरिक्त लाभ।
- मार्केटिंग सहायता: उत्पादों और सेवाओं की बाजार में पहुंच बढ़ाने में मदद।
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कौन पात्र हैं?
इस योजना का लाभ केवल उन लोगों को मिलेगा जो पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े हैं।
पात्रता मानदंड:
- आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
- आवेदक किसी पारंपरिक व्यवसाय (जैसे बढ़ईगीरी, सुनारगीरी आदि) से जुड़ा होना चाहिए।
- पहले से किसी अन्य सरकारी ऋण योजना का लाभ नहीं लिया होना चाहिए।
- आधार कार्ड और बैंक खाता अनिवार्य है।
आवेदन प्रक्रिया
पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए आवेदन करना बेहद सरल है।
आवेदन कैसे करें:
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: pmvishwakarma.gov.in
- मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की मदद से ई-केवाईसी करें।
- आवेदन पत्र भरें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
- डिजिटल आईडी और प्रमाणपत्र डाउनलोड करें।
- उपकरण प्रोत्साहन राशि और अन्य लाभ प्राप्त करें।
पीएम विश्वकर्मा योजना के प्रभाव
यह योजना न केवल कारीगरों की आर्थिक स्थिति को सुधारने में मदद कर रही है, बल्कि देश की सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित कर रही है।
प्रमुख प्रभाव:
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार सृजन।
- पारंपरिक शिल्पकारों की आय में वृद्धि।
- भारतीय हस्तशिल्प उद्योग को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाना।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना एक क्रांतिकारी पहल है जो कारीगरों की आर्थिक स्थिति सुधारने और उनके पारंपरिक कौशल को संरक्षित करने में मदद करती है। 15,000 रुपए की उपकरण प्रोत्साहन राशि ने कारीगरों को अपने काम में सुधार लाने का अवसर दिया है।
Disclaimer : यह लेख प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पर आधारित जानकारी प्रदान करता है। कृपया ध्यान दें कि खाते में 15,000 रुपए जमा होने की पुष्टि संबंधित सरकारी पोर्टल या अधिकारियों से करें।